गुरुग्राम में अवैध कॉलोनियों पर DTP की बड़ी कार्रवाई: 13 और कॉलोनियों पर FIR की सिफारिश, रजिस्ट्री पर भी रोक!

यह पहली बार नहीं है जब DTPe ने इतनी बड़ी कार्रवाई की सिफारिश की है. इससे पिछले महीने भी करीब 10 अवैध कॉलोनियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की सिफारिश की गई थी.

Gurugram News Newtork – गुरुग्राम में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग (DTP) की कार्रवाई लगातार जारी है. अब जिला नगर योजनाकार इन्फोर्समेंट (DTPe) ने भोंडसी और सोहना इलाके में हाल ही में तोड़ी गईं 13 से ज़्यादा अवैध कॉलोनियों के ज़मीन मालिकों, प्रॉपर्टी डीलरों और भू-माफियाओं के खिलाफ FIR दर्ज करने की सिफारिश की है. यह जानकारी DTP इन्फोर्समेंट के अमित मधोलिया ने दी.

यह पहली बार नहीं है जब DTPe ने इतनी बड़ी कार्रवाई की सिफारिश की है. इससे पिछले महीने भी करीब 10 अवैध कॉलोनियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की सिफारिश की गई थी.

रजिस्ट्री पर भी लगा प्रतिबंध

अवैध कॉलोनियों पर लगाम लगाने के लिए DTPe ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है. इन कॉलोनियों से संबंधित राजस्व रिकॉर्ड की पूरी जानकारी तहसीलदार और नायब तहसीलदार को भेज दी गई है. साथ ही उन्हें इन ज़मीनों की किसी भी प्रकार की रजिस्ट्री न करने के लिए पत्र भी लिखा गया है. इससे अवैध रूप से प्लॉट खरीदने और बेचने पर रोक लग सकेगी.

39 एकड़ ज़मीन पर कटी थी अवैध कॉलोनियां

जिन 13 कॉलोनियों पर अब FIR की सिफारिश की गई है, उनमें से चार बेहरामपुर में, पांच भोंडसी में, एक खेड़ला सोहना में, एक महेंद्रवाड़ा सोहना में, एक कादरपुर में और एक बिधवाका सोहना में काटी जा रही थीं. ये सभी कॉलोनियां लगभग 39 एकड़ ज़मीन पर फैली हुई थीं. DTPe ने इन कॉलोनियों को विकसित करने वाली 13 कंपनियों और लगभग 70 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने की सिफारिश की है. इनमें प्रॉपर्टी डीलर, ज़मीन मालिक और बिल्डर कंपनियां शामिल हैं. उम्मीद है कि अगले एक सप्ताह से दस दिनों के भीतर इन मामलों में FIR दर्ज कर ली जाएगी.

कैसे काम करता है अवैध कॉलोनियों पर एक्शन?

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग लगातार अवैध कॉलोनियों का सर्वे कर उनकी पहचान करता है. हरियाणा अर्बन डेवलपमेंट एक्ट के नियमों के तहत कृषि भूमि पर बिना विभाग की मंजूरी और लाइसेंस के कॉलोनी नहीं काटी जा सकती. इसके बावजूद भू-माफिया ज़मीन मालिकों के साथ करार कर जीपीए (जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी) और एग्रीमेंट पर प्लॉट काटकर बेचना शुरू कर देते हैं, जो कि पूरी तरह से नियमों के खिलाफ है.

DTPe पहले इन कॉलोनियों को कारण बताओ नोटिस और रेस्टोरेशन के आदेश जारी करता है. इसके बाद तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाती है. यदि तोड़फोड़ के बाद भी लोग नहीं मानते हैं, तो दोबारा से तोड़फोड़ की जाती है और अंत में FIR दर्ज कराई जाती है. भोंडसी, सोहना, बेहरामपुर और कादरपुर इलाकों में कुल 13 कॉलोनियों को तोड़कर ज़मींदोज किया जा चुका है और अब इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी है.

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
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